सार
Cervical Cancer Alert: महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिल रही है। खासतौर पर 65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं इस बीमारी के उच्च जोखिम में हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया है और इस उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से जांच कराने की सलाह दी है।
विस्तार
पिछले दो दशकों में महिलाओं में स्तन और गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर के मामले तेजी से बढ़े हैं। शोधों में पाया गया है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, महिलाओं में एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है, जो कि सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 65 वर्ष से ऊपर की महिलाओं में एचपीवी संक्रमण के चलते कैंसर का खतरा अधिक होता है, बावजूद इसके इस उम्र में स्क्रीनिंग कम कर दी जाती है। वर्ष 2022 में इस उम्र वर्ग की महिलाओं में 1.57 लाख से अधिक नए मामले और 1.24 लाख मौतें दर्ज की गईं।
गंभीर आंकड़े और रिपोर्ट
- साल 2023 में, सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर रहा।
- अनुमानित 6.60 लाख नए मामले और 3.50 लाख मौतें दर्ज की गईं।
- 95% से अधिक मामलों के लिए एचपीवी वायरस जिम्मेदार माना गया।
WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बीमारी रोकथाम योग्य है।

डब्ल्यूएचओ की वैश्विक रणनीति (2030 तक):
- 15 साल तक की 90% लड़कियों का एचपीवी वैक्सीनेशन
- 70% महिलाओं की नियमित स्क्रीनिंग
- 90% संक्रमित मरीजों का समय पर इलाज

रोकथाम पर आधारित यह रणनीति अगर सभी देश अपनाएं, तो साल 2120 तक 6.2 करोड़ मौतें और 7.4 करोड़ नए मामले रोके जा सकते हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी:
विशेषज्ञ मानते हैं कि 65 वर्ष से अधिक आयु की महिलाएं “टीकाकरण से वंचित पीढ़ी” का हिस्सा हैं और उनमें जांच न होने की स्थिति में कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। इसीलिए, नियमित जांच और स्क्रीनिंग को हर उम्र की महिलाओं के लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए।







