आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स क्यों होते हैं? जानें गंभीर बीमारियों का संकेत और बचाव के तरीके

Madhya Bharat Desk
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आंखों के नीचे काले धब्बे सिर्फ थकान या नींद की कमी का नतीजा नहीं होते, बल्कि ये कई बार गंभीर बीमारियों का शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं। मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञ बताते हैं कि डार्क सर्कल्स का संबंध लिवर, किडनी, थायरॉइड और एनीमिया जैसी स्थितियों से भी हो सकता है।

भारत में डार्क सर्कल्स की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पारिवारिक इतिहास, मेलेनिन का ज्यादा स्तर, गलत खानपान, तनाव, नींद की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन (मोबाइल/कंप्यूटर) देखने जैसी वजहें इस परेशानी को और बढ़ा देती हैं।

 विशेषज्ञ की राय

त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों के नीचे की त्वचा बेहद पतली और संवेदनशील होती है। जब वहां खून का संचार कम होता है या ऑक्सीजन की कमी रहती है, तो यह हिस्सा काला दिखने लगता है।

  • नींद की कमी
  • हाई स्क्रीन टाइम
  • पोषण की कमी
  • डिहाइड्रेशन
  • एलर्जी
  • हार्मोनल बदलाव

ये सभी डार्क सर्कल्स के बड़े कारण माने जाते हैं।

 किन बीमारियों का संकेत हो सकते हैं डार्क सर्कल्स?

  • एनीमिया (खून की कमी): शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन न मिलने पर आंखों के नीचे गहरे धब्बे दिखने लगते हैं।
  • थायरॉइड रोग: हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में अक्सर डार्क सर्कल्स देखे जाते हैं।
  • लिवर और किडनी की बीमारी: खून सही से साफ न होने पर त्वचा और आंखों के नीचे कालेपन की समस्या हो सकती है।
  • विटामिन और आयरन की कमी: खासकर B12 और आयरन की कमी से यह दिक्कत और बढ़ जाती है।

 डार्क सर्कल्स से बचाव कैसे करें?

  •  रोजाना 7–8 घंटे की नींद लें।
  • दिनभर में कम से कम 2–3 लीटर पानी पिएं।
  • आयरन, Check-in, बी-12 और विटामिन-के से भरपूर आहार लें।
  • स्क्रीन टाइम कम करें और मोबाइल को आंखों से पास रखकर न देखें।
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।

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