मनोज जरांगे ने खत्म किया अनशन, सरकार ने माना मराठा आरक्षण का दावा; आदेश जारी होने पर जताई शर्त

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

मुंबई।मराठा आरक्षण को लेकर चल रहे लंबे आंदोलन का बड़ा मोड़ आ गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को भूख हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया। महाराष्ट्र सरकार ने उनकी मुख्य मांगों को स्वीकार कर लिया है और आज ही इस संबंध में सरकारी आदेश (GR) जारी करने की तैयारी है। जरांगे ने कहा कि आदेश जारी होते ही वे अपना अनशन तोड़ देंगे।

आंदोलन को मिली बड़ी जीत

राज्य की कैबिनेट उप-समिति ने पात्र मराठों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र देने और आरक्षण सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की अध्यक्षता वाली समिति के साथ बैठक के बाद जरांगे ने अपने समर्थकों से कहा, “हम जीत गए हैं।” इसके बाद आंदोलन स्थल पर खुशी और जश्न का माहौल बन गया।

हाई कोर्ट और सरकार को दिया भरोसा

जरांगे ने हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया कि उनके समर्थक अब मुंबई छोड़ देंगे और आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त होगा। उन्होंने कहा कि गाड़ियों पर लगाए गए जुर्माने को वापस लिया जाए। उन्होंने साफ कहा कि जैसे ही जीआर आएगा, आंदोलन खत्म कर गुलाल उड़ाकर घर लौटेंगे।

पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा और नौकरियां

जरांगे ने बताया कि मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिवारों को 15 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया गया है। साथ ही राज्य परिवहन बोर्ड में नौकरियों की घोषणा भी हुई है। जरांगे का कहना है कि जिनके बच्चे पढ़ाई में आगे हैं, उन्हें सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए।

केस वापसी का वादा

जरांगे ने बताया कि आंदोलनकारियों पर दर्ज केस सितंबर तक वापस ले लिए जाएंगे। आंदोलन स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल, शिवेंद्र राजे भोंसले, जय कुमार गोरे और माणिकराव कोकाटे ने समिति के फैसले की जानकारी दी और सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

जरांगे ने कहा कि सरकार की ओर से आदेश जारी होने के बाद वे मंगलवार रात तक मुंबई छोड़ देंगे और आंदोलन को आधिकारिक रूप से समाप्त कर देंगे।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment