रायपुर में 21 सितंबर को प्रस्तावित कथित न्यूड पार्टी के पोस्टर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ा बवाल मच गया है। पोस्टर में अजनबियों के साथ हाउस और पूल पार्टी का ऑफर दिया गया है। इसमें केवल कपल और लड़कियों की एंट्री की बात लिखी गई है, जबकि स्टैग बॉयज़ यानी सिर्फ लड़कों की एंट्री बैन है। पोस्टर सामने आते ही राजधानी में राजनीतिक माहौल गर्मा गया और कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नग्न पार्टी जैसे आयोजनों की अनुमति देना प्रदेश की संस्कृति और सामाजिक वातावरण पर सीधा प्रहार है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव दिलीप सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा सरकार का असली चेहरा अब लोगों के सामने आ रहा है। उन्होंने इसे “रामराज्य की आड़ में नंगा नाच” बताया और कहा कि वे इस मामले की शिकायत पुलिस प्रशासन में करेंगे। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने SSP कार्यालय पहुंचकर इस आयोजन को रोकने और आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टरों में पार्टी का वेन्यू साफ नहीं लिखा है, लेकिन आयोजकों ने संपर्क के लिए मोबाइल नंबर जारी किया है। कुछ पोस्टरों में इस पार्टी को “न्यूड हाउस पार्टी” और “पूल पार्टी” के रूप में प्रचारित किया गया है, जिसमें शराब और अन्य सुविधाओं का जिक्र भी किया गया है। इससे युवाओं के बीच सनसनी फैल गई है और पुलिस सतर्क हो गई है।
कानूनी जानकारों का कहना है कि अगर वास्तव में ऐसी पार्टी आयोजित होती है तो यह भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत अपराध माना जाएगा। आईपीसी की धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत, आईटी एक्ट 67 के तहत सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट का प्रसार और पब्लिक न्यूज़ेन्स कानून के तहत सामाजिक अशांति फैलाने जैसे आरोप लग सकते हैं। हालाँकि आयोजक इसे निजी इवेंट बताकर बचने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन चूँकि पोस्टर सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर वायरल हो चुका है, इसलिए पुलिस कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा सरकार भी अब इस मामले को लेकर दबाव में है। कांग्रेस लगातार इसे नैतिकता और संस्कृति से जोड़कर प्रचारित कर रही है। वहीं, गृहमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि यदि ऐसा आयोजन करने की कोशिश हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने भी वायरल पोस्टरों की जांच शुरू कर दी है और मोबाइल नंबरों को ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह पार्टी वास्तव में आयोजित होगी या केवल सोशल मीडिया पर प्रचारित की गई है। लेकिन इसने रायपुर की राजनीति और प्रशासन को हिला दिया है और अब सबकी नजरें पुलिस की कार्रवाई और सरकार की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।







