रीवा और मैहर के बीच व्हाइट टाइगर सफारी को लेकर राजनीतिक और सामाजिक खींचतान तेज हो गई है। मुकुंदपुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने सफारी को रीवा से जोड़ने की सहमति जताई है। उनका मानना है कि रीवा का ऐतिहासिक महत्व व्हाइट टाइगर से जुड़ा है और इससे पर्यटन को और बढ़ावा मिलेगा। रीवा को पहले से ही “व्हाइट टाइगर की धरती” कहा जाता है, इसलिए ग्रामीण चाहते हैं कि सफारी का नाम और पहचान रीवा से जुड़ी रहे।
वहीं, दूसरी ओर सतना के सांसद और मैहर के विधायक ने इस निर्णय पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि मुकुंदपुर भौगोलिक रूप से सतना जिले का हिस्सा है और इसे रीवा से जोड़ना अनुचित होगा। उनका तर्क है कि सफारी का लाभ सतना और मैहर क्षेत्र को मिलना चाहिए, ताकि यहां पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।
इस पूरे विवाद ने क्षेत्रीय राजनीति को गर्मा दिया है। एक ओर रीवा का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव है, तो दूसरी ओर मैहर और सतना के लोगों की भावनाएं भी सफारी से गहराई से जुड़ी हुई हैं। यदि यह विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो यह विकास योजनाओं और पर्यटन परियोजनाओं को प्रभावित कर सकता है।







