ड्रग्स तस्करी का जाल देशभर में तेजी से फैल रहा है और अब इसमें नई-नई परतें खुलती जा रही हैं। हाल ही में रायपुर पुलिस ने एक महिला इंटीरियर डिज़ाइनर को मुंबई से गिरफ्तार किया, जिसने पिछले चार सालों से नाइट पार्टियों और पब्स में ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क खड़ा कर रखा था। यह महिला न केवल महाराष्ट्र बल्कि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से भी नशे का कारोबार रायपुर तक पहुँचाती थी।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपित महिला पढ़ाई के साथ ही लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थी। वह महंगे पब और क्लब में ड्रग्स की सप्लाई करती और इसके लिए युवा पीढ़ी को टारगेट बनाती थी। धीरे-धीरे उसने तस्करी का अपना मजबूत नेटवर्क बना लिया। मुंबई में उसका ठिकाना ही नशे का केंद्र बन गया था, जहां से वह लगातार आदेश लेती और अलग-अलग शहरों में सप्लाई करती।
इस पूरे मामले ने साफ कर दिया है कि नशे का कारोबार अब किसी एक वर्ग या क्षेत्र तक सीमित नहीं रह गया है। पढ़े-लिखे और प्रतिष्ठित पेशों से जुड़े लोग भी इसमें फंसते जा रहे हैं। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर कई अन्य तस्करों की जानकारी जुटाई है और लगातार छापेमारी की जा रही है।
पिछले 26 दिनों में ही पुलिस ने 44 तस्करों को पकड़कर 2.11 करोड़ रुपए की ड्रग्स जब्त की है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि रायपुर समेत पूरे प्रदेश में नशे का कारोबार किस कदर गहराई तक फैला हुआ है।
समाज के लिए यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि ग्लैमर और चमक-दमक की आड़ में नशे का कारोबार कितनी तेज़ी से फैल रहा है। जरूरत इस बात की है कि युवा वर्ग सतर्क रहे और परिवार व समाज इस बढ़ते खतरे के खिलाफ जागरूकता फैलाए।






