रायपुर।छत्तीसगढ़ी अस्मिता, आदिवासी अधिकार और सरकारी भूमि की रक्षा के मुद्दे को लेकर निकली छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा ने शनिवार को महासमुंद जिले के तुमगांव क्षेत्र में जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई। सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले चल रही यह यात्रा अपने 14वें दिन कौवाझर से सुबह करीब 10 बजे रवाना होकर अवैध करणी कृपा स्पात एवं पावर प्लांट के मुख्य गेट तक पहुंची।
जैसे ही रथ यात्रा प्लांट गेट पर पहुंची, महिला किसानों और आंदोलनकारियों ने एकजुट होकर नारेबाजी शुरू कर दी।
“बाहरी शोषक होश में आओ, छत्तीसगढ़ का शोषण बंद करो, सरकारी व आदिवासी जमीन छोड़ो” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने महासमुंद के जिलाधीश विनय लहंगे, अवैध कंपनी के संचालक अशोक चौधरी और तुमगांव थाना प्रशासन के खिलाफ भी तीखा विरोध दर्ज कराया।
तेज नारेबाजी और अचानक जुटी भीड़ के कारण प्लांट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद रथ यात्रा मालीडीह, पिरदा, खैरझिटी और तुमगांव नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में पहुंची।
गांवों में रथ के प्रवेश करते ही स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से आरती उतारकर स्वागत किया। जगह-जगह लोगों ने रथ यात्रा के उद्देश्य पढ़े और बड़ी संख्या में किसान, युवा और महिलाएं संगठन की सदस्यता से जुड़ीं।
चारों गांवों में जनसभाएं आयोजित की गईं, जिन्हें राज्य आंदोलनकारी लालाराम वर्मा, छन्नू साहू, अशोक कश्यप, नंदकुमार साहू, बृजबिहारी साहू, बलराम साहू, राधा बाई सिंह, श्यामा ध्रुव, धनेश्वरी यादव, टुकेश्वरी ध्रुव और लक्ष्मी निषाद सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
सभा को संबोधित करते हुए लालाराम वर्मा ने कहा कि जिस तरह पहले कोडार बांध से जुड़ा अवैध सौदा जनसंघर्ष के जरिए रद्द कराया गया था, उसी तरह छत्तीसगढ़ी महतारी की अस्मिता के खिलाफ की गई हर कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय से रथ यात्रा की रिहाई यह साबित करती है कि सत्य और संघर्ष की राह पर चलकर ही छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा की जा सकती है।







