मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कैबिनेट में 14 मंत्रियों की संख्या को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए हाईकोर्ट बिलासपुर में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री और सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने याचिकाकर्ता कांग्रेस व सामाजिक कार्यकर्ता बसदेव चक्रवर्ती से उनके सामाजिक कार्य और पृष्ठभूमि का शपथपत्र मांगा है। कोर्ट ने राज्य शासन को भी पक्ष रखने का निर्देश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर 2025 को होगी।
कांग्रेस का तर्क है कि विधानसभा में मंत्रिमंडल की संख्या कुल सीटों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। चूंकि छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 सीटें हैं, तो मंत्रियों की अधिकतम संख्या 13 होनी चाहिए। लेकिन 20 अगस्त को तीन नए मंत्री शामिल करने के बाद कैबिनेट की संख्या 14 हो गई, जो कि कांग्रेस के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 164(1क) का उल्लंघन है।
वहीं, भाजपा का कहना है कि यह निर्णय हरियाणा फार्मूले पर आधारित है और इसमें किसी भी तरह का उल्लंघन नहीं हुआ है। इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने राज्यपाल रमेन डेका को पत्र लिखकर एक मंत्री हटाने की मांग की थी।







