चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिश करेंगे, जबकि राज्य की वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ लेंगे।
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार की वास्तविक समस्याएँ जैसे पलायन, भ्रष्टाचार और खराब शिक्षा व्यवस्था हैं, जिन पर ये दोनों प्रमुख नेता शायद ही कुछ बोलेंगे। उनका मानना है कि इन गंभीर मुद्दों पर कोई सार्थक चर्चा नहीं होगी, और चुनाव का एजेंडा व्यक्तिगत हमलों और राजनीतिक खींचतान तक सीमित रहेगा।
किशोर ने अपने आंदोलन ‘जन सुराज’ को बिहार के लिए एक नया और व्यवहार्य विकल्प बताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार बिहार की जनता के पास इन परंपरागत राजनीतिक पैंतरों से हटकर एक वास्तविक बदलाव का अवसर है। जन सुराज का उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करते हुए राज्य की बुनियादी समस्याओं का समाधान खोजना है।
उनके इस बयान से बिहार की राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश के दो सबसे बड़े राजनीतिक चेहरों पर निशाना साधता है। प्रशांत किशोर लगातार बिहार के मुद्दों को लेकर अपनी बात रख रहे हैं और जन सुराज के माध्यम से जनता के बीच अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं।







