बिहार की राजनीति में 2025 विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। जातीय संतुलन और वोट बैंक की राजनीति को लेकर ताजा सर्वे सामने आया है, जिसने यह साफ कर दिया कि मुकाबला एक बार फिर महागठबंधन और NDA के बीच सीमित रहेगा। लेकिन इस बार मुस्लिम और OBC मतदाता समीकरणों में असदुद्दीन ओवैसी और प्रशांत किशोर (PK) का फैक्टर भी असर डाल सकता है।
मुस्लिम वोट: महागठबंधन की बढ़त, लेकिन नाराजगी बरकरार
बिहार में मुस्लिम आबादी करीब 17% है और परंपरागत तौर पर उनका झुकाव महागठबंधन की ओर रहा है।
2020 विधानसभा चुनाव में सीमांचल क्षेत्र में AIMIM (ओवैसी) ने कई सीटों पर सेंध लगाई थी, जिससे RJD-कांग्रेस को नुकसान हुआ।
सर्वे के मुताबिक 2020 में मुस्लिम वोट का लगभग 75% महागठबंधन को मिला था, जबकि 2024 लोकसभा में यह बढ़कर 83% तक पहुंच गया।
हालांकि टिकट वितरण और नेतृत्व में हिस्सेदारी को लेकर मुस्लिम मतदाताओं के बीच असंतोष की झलक भी देखी गई है।
ओवैसी और PK की दावेदारी
ओवैसी एक बार फिर सीमांचल में सक्रिय हैं, लेकिन मुस्लिम समाज का बड़ा वर्ग अब भी उन्हें “वोट कटवा” मानता है।
वहीं, प्रशांत किशोर (PK) मुस्लिम समुदाय को उनकी जनसंख्या के हिसाब से राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने का वादा कर रहे हैं।
इसके बावजूद मुस्लिमों में PK को लेकर भरोसा गहराई तक नहीं दिखता। उन्हें लेकर भाजपा से नजदीकी की आशंका भी कायम है।
OBC समीकरण: यादव RJD के साथ, गैर-यादव NDA के पाले में
बिहार की OBC आबादी लगभग 25% है।
यादव वोट बैंक अब भी RJD का मजबूत आधार बना हुआ है और सर्वे में यह रुझान बरकरार है।
वहीं गैर-यादव OBC (कुर्मी, कोइरी, कुशवाहा) का बड़ा हिस्सा NDA के साथ जुड़ा हुआ दिख रहा है।
हालांकि इस बार महागठबंधन की नजर कुशवाहा वोटरों पर है और सर्वे संकेत देता है कि इसमें आंशिक बदलाव संभव है।
PK फैक्टर: बदलाव लाने वाला या सिर्फ ‘स्पॉयलर’?
PK अपने जनसुराज अभियान के जरिए जनता से जुड़ने की कोशिश में हैं, लेकिन अभी तक किसी बड़े वोट बैंक को खिसकाने की स्थिति में नहीं दिख रहे।
मुस्लिम समुदाय में भरोसे की कमी और OBC वर्ग में स्थापित नेताओं की मौजूदगी PK की राह को कठिन बना रही है।
सर्वे से साफ है कि—
- मुस्लिम वोटों में महागठबंधन की पकड़ कायम है।
- ओवैसी और PK का असर सीमित दायरे में सिमटा हुआ है।
- OBC वोट बैंक NDA और RJD के बीच बंटा हुआ है।
- PK और ओवैसी का वास्तविक प्रभाव 2025 विधानसभा चुनाव के नतीजों में ही सामने आएगा।







