छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कल अपना जन्मदिन 23 अगस्त को एक विशाल शक्ति प्रदर्शन के रूप में मनाया। यह आयोजन इस बार प्रवर्तन निदेशालय (ED) कार्यालय के ठीक सामने स्थित सुभाष स्टेडियम में किया गया, जिसने राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा बटोरी है।
बघेल के जन्मदिन समारोह में सुबह से ही प्रदेश भर से उनके समर्थक, कांग्रेस कार्यकर्ता और आम जनता बड़ी संख्या में जुटना शुरू हो गए थे। स्टेडियम पूरी तरह से खचाखच भरा हुआ था, और भीड़ का जोश देखते ही बन रहा था। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ अपने प्रिय नेता का जन्मदिन मनाया।
इस आयोजन को केवल एक जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। ED की लगातार सक्रियता और राज्य में विपक्षी नेताओं पर हो रही कार्रवाई के बीच, भूपेश बघेल का अपने जन्मदिन को इसी स्थान पर एक विशाल जनसभा के रूप में आयोजित करना, एक प्रबल राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।

समारोह के दौरान, भूपेश बघेल ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि जनता का यह स्नेह और समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे कितनी भी कोशिश कर लें, कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता प्रदेश की जनता के लिए हमेशा खड़े रहेंगे।
इस आयोजन ने न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है, बल्कि राजनीतिक पर्यवेक्षकों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की राजनीति में क्या नए समीकरण बन सकते हैं। भूपेश बघेल का यह जन्मदिन समारोह आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के चुनावी शंखनाद के रूप में भी देखा जा रहा है।



