छत्तीसगढ़ भारत का धान का कटोरा माना जाता है। यहां धान की सैकड़ों किस्में उगाई जाती हैं, जो अलग-अलग समयावधि में तैयार होती हैं और विभिन्न जलवायु परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलित होती हैं। इन्हीं विशेषताओं को समझने और धान की खेती की गहराई से जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से उज्बेकिस्तान के छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल 20 अगस्त को छत्तीसगढ़ आएगा।
यह प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) का दौरा करेगा। दौरे के दौरान छात्र धान की विभिन्न प्रजातियों पर चल रहे शोध कार्यों और पढ़ाई की प्रक्रिया को समझेंगे। इस अध्ययन यात्रा का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है।
स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उज्बेकिस्तान से छात्रों का यह पहला दल छत्तीसगढ़ की यात्रा पर आ रहा है। इस कार्यक्रम से दोनों देशों के बीच शैक्षिक और शोध स्तर पर नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) का प्रतिनिधिमंडल भी इस दौरे में शामिल रहेगा और छात्र दल की मुलाकात छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी होगी।
इस प्रकार, यह यात्रा न केवल कृषि शिक्षा को वैश्विक स्तर पर जोड़ने का काम करेगी बल्कि छत्तीसगढ़ के धान अनुसंधान को भी एक नई पहचान दिलाएगी







