सरगुजा: गर्भवती महिला को 2 किमी पैदल चलना पड़ा, सुशासन पर उठे सवाल

Madhya Bharat Desk
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सरगुजा।छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के बुले गांव में एक गर्भवती महिला को समय पर इलाज के लिए 2 किलोमीटर पैदल चलकर एम्बुलेंस तक पहुँचना पड़ा। यह घटना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढाँचे की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। खासकर दूरदराज के इलाकों में लोगों को अब भी मूलभूत सुविधाओं तक पहुँचने में कठिनाई झेलनी पड़ती है।

सुशासन का वास्तविक अर्थ और स्थिति
सुशासन का मतलब है — पारदर्शी, जवाबदेह, न्यायसंगत और समावेशी शासन व्यवस्था। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की योजनाएँ और सुविधाएँ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, खासकर दूरस्थ और कमजोर वर्गों तक। लेकिन बुले गांव की यह घटना यह दर्शाती है कि जमीनी स्तर पर सुशासन की चुनौतियाँ अब भी बरकरार हैं।

सरकार और प्रशासन के लिए चेतावनी
यह मामला विष्णु देव साय सरकार के लिए एक गंभीर संकेत है कि उन्हें विशेषकर दूरस्थ और पिछड़े इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं और आधारभूत ढाँचे को प्राथमिकता देनी होगी। पुलों और सड़कों जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। सरकार की जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों और हर नागरिक को समय पर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।

समाधान की दिशा में कदम
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन को अधिक सक्रिय होना होगा। खासतौर पर पुल और सड़क निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना होगा। तभी सही मायनों में सुशासन और विकास की तस्वीर साफ हो सकेगी।

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