नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी 2.0 का ऐलान किया। पीएम ने कहा कि दिवाली तक रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीएसटी दरें घटाई जाएंगी, जिससे आम आदमी को राहत मिलेगी। उन्होंने इसे “अगली पीढ़ी का जीएसटी सुधार” बताया। हालांकि, कांग्रेस ने इस घोषणा पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि जीएसटी को ‘गुड्स एंड सिंपल टैक्स’ होना चाहिए, न कि ‘ग्रोथ स्प्रेसिंग टैक्स’।
कांग्रेस की मांग – व्यापक बहस और बदलाव
कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि उनकी पार्टी पिछले डेढ़ साल से जीएसटी 2.0 के मौलिक बदलावों की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही इस विषय पर एक आधिकारिक डिस्कशन पेपर जारी करने की मांग करती है, ताकि एक विस्तृत बहस हो सके।
पीएम मोदी की घोषणा – दिवाली तक बड़ी राहत
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “इस दिवाली मैं आपके लिए दोहरी दिवाली लाने जा रहा हूं। रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, एमएसएमई को राहत मिलेगी और कर संरचना सरल होगी।” उन्होंने दावा किया कि राज्यों से चर्चा के बाद एक नया प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसमें जीएसटी की दरें कम की जाएंगी।
मौजूदा जीएसटी संरचना और नई तैयारी
वर्तमान जीएसटी ढांचे में 5%, 12%, 18% और 28% की दरें लागू हैं। अहितकर और विलासिता की वस्तुओं पर 28% कर लगता है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, अब केवल दो दरों पर आधारित एक सरल ढांचा लाने की योजना है।
कांग्रेस की आपत्तियां
जयराम रमेश ने कहा, “पिछले सात वर्षों में बढ़ती दरों और छूटों ने जीएसटी की मूल भावना को कमजोर कर दिया है। इससे कर चोरी बढ़ी है और राज्यों के राजस्व में अनिश्चितता आई है।”
उन्होंने आगे कहा कि एमएसएमई, कपड़ा उद्योग, पर्यटन, निर्यात और कृषि इनपुट जैसी चुनौतियों का समाधान होना चाहिए। साथ ही, बिजली, पेट्रोलियम, शराब और रियल एस्टेट को भी जीएसटी के दायरे में शामिल करने पर विचार होना चाहिए।
कांग्रेस का बयान
कांग्रेस का कहना है कि जीएसटी 2.0 केवल घोषणा न होकर, वास्तव में गुड्स एंड सिंपल टैक्स बने, ताकि यह आर्थिक विकास को गति दे, न कि विकास की राह में रुकावट।







