छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 12वीं पास एक युवक ने बिना रजिस्ट्रेशन और आवश्यक डिग्री के पांच साल तक डॉक्टर की नौकरी कर ली। जानकारी के अनुसार, युवक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ था और इस दौरान उसके दस्तावेजों का सत्यापन कभी नहीं हुआ। दो साल पहले उसका नाम एक आयुष्मान घोटाले में सामने आया, लेकिन तब भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसे वीआईपी ड्यूटी में भी तैनात किया जाता रहा।

जब विभागीय नियमों के तहत उससे एमबीबीएस की मार्कशीट और डिग्री मांगी गई, तो वह दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं करा सका और गलत जानकारी देकर हाईकोर्ट से तीन महीने का समय भी ले लिया। लगभग पांच साल तक विभाग को उसके कृत्यों का संदेह भी नहीं हुआ। जब सच्चाई सामने आई, तब भी उसने करीब दो साल तक नौकरी जारी रखी। अंततः विभाग ने कई बार दस्तावेज़ मांगने के बाद, उसके उपलब्ध न कराने पर उसे बर्खास्त कर दिया







