नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बाद चुनाव आयोग ने अपने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि वे ‘वोट चोरी’ जैसे निराधार आरोपों पर ध्यान न दें और बिना किसी दबाव के पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से कार्य करें।
चुनाव आयोग की कड़ी प्रतिक्रिया
राहुल गांधी के हालिया बयान, जिसमें उन्होंने भारत में वोट चोरी की बात कही थी, को लेकर आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने सभी चुनाव अधिकारियों से अपील की है कि वे झूठे आरोपों और अफवाहों के प्रभाव में न आएं। ईसी ने कहा कि आजकल ऐसे बयान आम होते जा रहे हैं, जिनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं होता। इसलिए अधिकारियों को चाहिए कि वे पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से चुनावी प्रक्रिया को पूरा करें।
राहुल गांधी को भेजे गए ईसी के पत्र और ईमेल
चुनाव आयोग ने खुलासा किया कि 12 जून 2025 को राहुल गांधी को एक ईमेल और पत्र भेजा गया था, लेकिन उन्होंने न तो जवाब दिया और न ही आयोग से संपर्क किया। इसके बावजूद वह सार्वजनिक मंच से लगातार आयोग और उसके कर्मचारियों पर आरोप लगा रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
राहुल गांधी का दावा
राहुल गांधी ने 23 जुलाई को दावा किया था कि उन्होंने कर्नाटक की एक लोकसभा सीट पर अध्ययन के दौरान वोट लिस्ट में भारी गड़बड़ी का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि छह महीने की जांच के बाद उन्हें सबूत मिले हैं कि किस प्रकार वोट चोरी होती है और इसमें कौन शामिल होता है।
सिद्धारमैया का समर्थन
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि उनके पास ठोस दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी 5 अगस्त को बेंगलुरु में एक प्रदर्शन करेंगे और चुनाव आयोग को यह सबूत सौंपेंगे।
कांग्रेस का प्रदर्शन
कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की है कि वह 5 अगस्त को बेंगलुरु में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेगी। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी.के. शिवकुमार ने कहा कि प्रदर्शन किस रूप में होगा—धरना, मार्च या रैली—इसका निर्णय जल्द ही लिया जाएगा।







