29 जुलाई 2025 की रात धमतरी पुलिस ने अचानक कई होटलों, लॉजों, ढाबों और किराये के मकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में कुछ ऐसे लोग पकड़े गए जिनके पास न तो वैध भारतीय पहचान पत्र थे और न ही कोई पासपोर्ट या वीजा। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर चुके हैं और पिछले कुछ महीनों से जिले में अलग-अलग इलाकों में छिपकर रह रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई:
धमतरी पुलिस ने इन बांग्लादेशी नागरिकों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में पता चला कि इन प्रवासियों को सीमावर्ती राज्यों के जरिए भारत लाया गया था और यहां कुछ स्थानीय दलालों की मदद से उन्हें रहने और काम करने की जगह दी गई थी। पुलिस अब उन दलालों और मकान मालिकों की तलाश कर रही है जिन्होंने बिना दस्तावेज जांच के उन्हें पनाह दी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से खतरा:
बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध उपस्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इनमें से कुछ लोग किसी आपराधिक या असामाजिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।
स्थानीय प्रशासन की अपील:
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने आसपास यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखें या किसी के पास वैध पहचान पत्र न हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक जिले को अवैध प्रवासियों से मुक्त नहीं किया जाता।



