संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी अध्यक्षता मिलने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की रणनीति बना रहा है। इस बार उसे जुलाई में होने वाली सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करने का अवसर मिला है। ऐसी संभावना है कि पाकिस्तान “अंतरराष्ट्रीय विवादों के शांतिपूर्ण समाधान” विषय पर होने वाली इस बैठक में कश्मीर का मुद्दा उठाने का प्रयास करेगा।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने इस बैठक को लेकर कूटनीतिक हलचलें तेज कर दी हैं। वहीं, भारत ने भी पाकिस्तान के किसी भी झूठे प्रचार का करारा जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, भारत इस विषय पर तथ्यों के साथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि असीम इफ्तिखार अहमद ने हाल ही में कश्मीर मुद्दे पर बोलते हुए कहा था कि इसे अब सुलझाया जाना चाहिए और यह केवल पाकिस्तान की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्थायी सदस्यों को भी इस दिशा में ठोस पहल करनी चाहिए।
इस बीच पाकिस्तान इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और संयुक्त राष्ट्र के बीच साझेदारी को भी बढ़ावा देने की योजना बना रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार इस प्रस्तावित सहयोग का नेतृत्व करेंगे। उल्लेखनीय है कि OIC पहले भी भारत के कश्मीर नीति पर सवाल उठाता रहा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नवंबर 2024 में एक प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें OIC के साथ मानवाधिकार, आतंकवाद-रोध, और सुरक्षा मामलों में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस मौके का उपयोग करते हुए OIC और UNSC के बीच क्षेत्रीय प्रभाव को बढ़ाने की कोशिश करेगा, लेकिन भारत इसके विरुद्ध अपनी रणनीतिक तैयारी के तहत अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटा रहा है।







