ईरान–अमेरिका संघर्ष में 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत: कुवैत ड्रोन हमले में 4 के नाम सार्वजनिक

Madhya Bharat Desk
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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब और गंभीर हो गया है। कुवैत में एक कमांड सेंटर पर हुए ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इनमें से चार जवानों की पहचान सार्वजनिक की है।

बताया जा रहा है कि यह हमला उस समय हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके ठीक एक दिन बाद कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाया गया।

 जिन सैनिकों के नाम जारी किए गए

पेंटागन के अनुसार ये सभी सैनिक आर्मी रिजर्व की 103वीं सस्टेनमेंट कमांड से जुड़े थे, जिसका मुख्यालय डेस मोइनेस, आयोवा में है।

  • कैप्टन कोडी ए. खॉर्क (35) – विंटर हेवन, फ्लोरिडा के निवासी।
  • सार्जेंट फर्स्ट क्लास नूह एल. टिटजेन्स (42) – बेलेव्यू, नेब्रास्का के रहने वाले।
  • सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर (39) – व्हाइट बेयर लेक, मिनेसोटा की निवासी।
  • स्पेशलिस्ट डेक्लन जे. कोडी (20) – वेस्ट डेस मोइनेस, आयोवा के रहने वाले।

सेना सचिव डैनियल ड्रिस्कॉल ने कहा कि इन सैनिकों ने देश की सेवा के लिए स्वेच्छा से जिम्मेदारी उठाई थी। उनकी बहादुरी और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

निकोल अमोर अपने पति और दो बच्चों के पास लौटने वाली थीं, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया। उनके पति ने उन्हें बेहद दयालु और मददगार बताया। वहीं 20 वर्षीय डेक्लन कोडी ड्रेक यूनिवर्सिटी के छात्र थे और आईटी स्पेशलिस्ट के तौर पर सेना में कार्यरत थे। वे ईगल स्काउट भी रह चुके थे और समाजसेवा में सक्रिय थे।

 अमेरिका का दावा: 2,000 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में ईरान के करीब 2,000 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, नौसैनिक जहाज, एक पनडुब्बी और कई सैन्य ढांचे तबाह किए जाने का दावा किया गया है।

CENTCOM प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इस अभियान में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक, 200 लड़ाकू विमान, दो विमानवाहक पोत और कई बमवर्षक शामिल हैं। इसे पिछले दशक में मध्य पूर्व का सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अभियान बताया जा रहा है।

 ईरान–इस्राइल टकराव भी तेज

इस्राइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के मिसाइल लॉन्चर और एक परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हवाई हमला किया। जवाब में ईरान ने इज़राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया।

 अब तक का आंकड़ा:

  • ईरान: लगभग 800 लोगों की मौत
  • इस्राइल: 11 लोगों की मौत
  • अमेरिका: 6 सैनिकों की मौत

मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात काबू में नहीं आए, तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।

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