बिहार के सारे मठाधीशों को अपनी कुर्सी हिलती हुई दिखाई दे रही है।

Madhya Bharat Desk
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ऐसे ही नहीं बिहार के सारे मठाधीशों को अपनी कुर्सी हिलती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, यह हलचल किसी आम राजनीतिक शोरगुल की नहीं, बल्कि एक सुनियोजित, जमीन से जुड़ी जन-चेतना की पदचाप है — जो ‘जन सुराज’ के नाम पर प्रशांत किशोर की अगुवाई में आकार ले रही है।

प्रशांत ने कहा कि मनीष “सिर्फ यूट्यूबर नहीं, बिहार का बेटा है” जिसने मेहनत और सूझबूझ से पहचान बनाई ।

प्रशांत किशोर बिहार के चैनपटिया विधानसभा क्षेत्र में जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी मनीष कश्यप से मिलने उनके घर पहुंचे ।

उन्होंने एक दोस्ताना और राजनीति‑उन्मुख चकच की बातचीत की, जिसमें सभी स्थानीय मुद्दों पर चर्चा हुई—खासकर विकास, तरक्की और जनहित।

बातचीत का प्रमुख अंश:

1. खुली चर्चा: मनीष ने अपने इलाके के निर्माण कार्य और शिक्षण सुविधाओं की स्थिति बताई, प्रशांत किशोर ने इसके लिए तुरंत कदम उठाने का आश्वासन दिया।

2. स्थानीय समर्थन: प्रशांत किशोर ने मनीष को “बिजली की तरह तेज़” कहा—मतलब तेज़ गति और प्रभावी बदलाव लाने की क्षमता।

3. भविष्य की योजना: आई एक साझी रणनीति पर सहमति—“4M फॉर्मूला” जैसा मॉडल अपनाते हुए जनता के बीच बेहतर पहुंच अभियान शुरू करेंगे, जिसमें — मंत्रालय, मोबाइल मिशन, ग्रामीण संपर्क और मीडिया रणनीति शामिल हैं।

4. जन संपर्क: मनीष ने बताया कि वह अब गांव‑गांव जाकर आम फैसलों को जनता के साथ साझा करेंगे, किशोर ने इस कदम का समर्थन किया और कहा, “ये मिसाल बनेगी।”

5. जन‑आश्वासन: अंत में प्रशांत ने कहा कि “चैनपटिया में बदलाव लाना अब ज़रूरी है और मनीष वही बदलाव लाएँगे”—जिस पर मनीष ने पूरा भरोसा जताया।

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