पूर्व मंत्री से जुड़ी फर्मों पर करोड़ों की पेनल्टी तय, जांच में सामने आया नाम
भोपाल। जबलपुर जिले में सीमा से अधिक खनन करने का मामला अब प्रदेश की सबसे बड़ी पेनल्टी की ओर बढ़ रहा है। जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि पूर्व मंत्री संजय पाठक से जुड़ी दो खनन फर्मों ने तय सीमा से कई गुना अधिक खनन कर न सिर्फ राजस्व को नुकसान पहुंचाया, बल्कि पर्यावरणीय नियमों की भी अनदेखी की। अधिकारियों ने 201 पेज की विस्तृत रिपोर्ट प्रमुख सचिव को सौंपी है, जिसमें भारी आर्थिक दंड की सिफारिश की गई है।
सूत्रों के अनुसार, जबलपुर की सिहोरा तहसील में आनंद माइंस द्वारा बड़े स्तर पर अवैध खनन किया गया। दो फर्मों में संजय पाठक के बेटे और मां की भागीदारी की बात सामने आई है। एक ही खान क्षेत्र में दो बार पर्यावरण स्वीकृति लेने और माइनिंग प्लान में गड़बड़ी की भी पुष्टि हुई है।
जांच कैसे शुरू हुई:
18 माह पहले आईबी डब्ल्यू और खनिज विभाग की टीम ने सिहोरा क्षेत्र की माइंस में छानबीन शुरू की थी। इसके बाद ई-फॉरेस्ट पोर्टल और जीआईएस के जरिए सेटेलाइट से गतिविधियों की निगरानी की गई। खनन क्षेत्र से अधिक उत्खनन होने की पुष्टि पर रिपोर्ट तैयार कर प्रमुख सचिव को भेजी गई।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप:
शिकायतकर्ता आशुतोष मनु दीक्षित ने बताया कि पूर्व मंत्री पाठक और उनके परिवार से जुड़ी फर्मों ने सत्ता का दुरुपयोग कर खनन नियमों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई निष्पक्ष हुई, तो यह प्रदेश में एक बड़ा उदाहरण बन सकता है।
प्रमुख सचिव से संपर्क नहीं हो सका:
इस मामले में प्रमुख सचिव से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वे उपलब्ध नहीं हो सके।
जांच में शामिल थे:
नामित अधिकारी मनीष पालेवर ने बताया कि जांच निष्पक्ष और तकनीकी आधार पर की गई है। रिपोर्ट में सभी आंकड़ों और दस्तावेजों को शामिल किया गया है।







