छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नजदीकी सहयोगी केके श्रीवास्तव एक बार फिर कानूनी घेरे में आ गए हैं। राजधानी रायपुर की अमलतास कॉलोनी निवासी रत्ना यादव ने उन पर धोखाधड़ी और विश्वासघात का गंभीर आरोप लगाया है।
रत्ना यादव ने शिकायत में बताया कि उनके पति स्वर्गीय राजेश यादव और केके श्रीवास्तव के बीच पारिवारिक और व्यवसायिक संबंध थे। दोनों ने मिलकर नर्मदानगर में प्लॉट खरीदकर घर बनाकर बेचने का काम शुरू किया था।
पति के निधन के बाद श्रीवास्तव ने रत्ना यादव को उनके हिस्से की एक करोड़ रुपये की राशि देने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक न रकम मिली, न जमीन पर कोई अधिकार। रत्ना यादव का दावा है कि श्रीवास्तव ने उनके दस्तावेज भी अपने कर्मचारी के माध्यम से हासिल कर लिए, जिसकी वीडियो फुटेज उनके पास मौजूद है।
महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में प्लॉट की कीमत लगभग ढाई करोड़ रुपये थी, लेकिन श्रीवास्तव ने 2020-21 में अधिकांश भूखंड बेचकर करीब आठ करोड़ रुपये की आय अर्जित की, फिर भी उन्हें हिस्सा नहीं दिया गया।
रत्ना यादव ने इस पूरे मामले से जुड़े कई साक्ष्य — बातचीत की रिकॉर्डिंग, कानूनी नोटिस की प्रतिलिपि और अन्य दस्तावेज — पुलिस को सौंपे हैं। उन्होंने केके श्रीवास्तव के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 467, 468 और 471 के अंतर्गत कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने इस शिकायत पर मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
पहले से जेल में हैं श्रीवास्तव
गौरतलब है कि केके श्रीवास्तव पहले से ही एक अन्य मामले में पुलिस की हिरासत में हैं। उनके खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और तांत्रिक गतिविधियों की आड़ में ठगी करने के आरोप हैं। पुलिस रिमांड में उनसे 300 करोड़ रुपये से अधिक की लेनदेन और संपत्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आई हैं।







