अनिल अंबानी की कंपनी पर ₹31,580 करोड़ का घोटाला घोषित, SBI की सख्त कार्रवाई से मचा हड़कंप

Madhya Bharat Desk
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सार

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के ₹31,580 करोड़ के लोन को धोखाधड़ी घोषित कर दिया है। बैंक ने इस भारी-भरकम लोन को चुकाने में विफल रहने और वित्तीय अनियमितताओं के चलते यह फैसला लिया है। इस निर्णय के साथ ही कंपनी और इसके पूर्व निदेशकों पर कानूनी शिकंजा कसने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

विस्तार

क्या है पूरा मामला?

अनिल अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस कम्युनिकेशंस को वर्षों पहले विभिन्न बैंकों से भारी मात्रा में लोन मिला था। लेकिन कंपनी ने 2016 के बाद से लोन भुगतान में लगातार चूक की। 10 नवंबर 2020 को SBI ने RCom के खाते को NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया था।

बैंक ने मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचाया, जहां से 27 मार्च 2023 को कंपनी की याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद दिसंबर 2023 में फिर से कार्रवाई शुरू हुई और अब जून 2025 में SBI ने इस लोन को आधिकारिक रूप से “फ्रॉड” घोषित कर दिया।

क्या हो सकते हैं इसके कानूनी परिणाम?

  • आपराधिक जांच: बैंक को 21 दिन के भीतर CBI या पुलिस को यह रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद सीधी आपराधिक जांच शुरू हो सकती है।
  • निदेशकों पर कार्यवाही: कंपनी के निदेशकों और प्रबंधन पर भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा चल सकता है।
  • आर्थिक प्रतिबंध: बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान ऐसे फ्रॉड मामलों के बाद कंपनी के खिलाफ सभी आर्थिक सहायता बंद कर सकते हैं।

SEBI का बड़ा कदम:

SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) ने पहले ही अनिल अंबानी पर व्यक्तिगत प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें 2024 से 2029 तक किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के बोर्ड में शामिल होने से रोक दिया है। इसके साथ ही 2020 से जारी प्रतिबंध के तहत उन्हें म्यूचुअल फंड और अन्य निवेशिक गतिविधियों से भी दूर रखा गया है।

कंपनी का पक्ष और वकीलों की प्रतिक्रिया:

रिलायंस ग्रुप की ओर से कंपनी के वकीलों ने कहा कि SBI का यह कदम न्याय के बुनियादी सिद्धांतों के विरुद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम “पूर्वाग्रह” से प्रेरित है और कंपनी को सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।

दुनिया के अमीर व्यक्तियों में शुमार अनिल अंबानी आज संकट में:

कभी दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति माने जाने वाले अनिल अंबानी अब गंभीर वित्तीय और कानूनी संकट का सामना कर रहे हैं।उनकी कई कंपनियां जैसे रिलायंस इंफ्राटेल, रिलायंस कैपिटल और रिलायंस कम्युनिकेशंस पहले ही दिवालिया प्रक्रिया का हिस्सा बन चुकी हैं। 2020 में उन्होंने अदालत में खुद को “कर्ज में डूबा हुआ” बताया था और कहा था कि उनके पास निजी संपत्ति भी नहीं है।

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