विटामिन D की कमी को दूर करने के लिए सप्लीमेंट्स लेना काफी नहीं, कुछ खाने की चीजें आपकी सारी मेहनत पर पानी फेर सकती हैं। जानिए कौन-से फूड्स विटामिन डी के अवशोषण में बाधा डालते हैं।
नई दिल्ली:
विटामिन-डी हमारे शरीर के लिए उतना ही ज़रूरी है जितना पानी और हवा। यह न केवल हड्डियों को मजबूत बनाता है, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी एक्टिव रखता है। इसके बावजूद, विटामिन डी की कमी एक आम समस्या बन गई है, जिसे दूर करने के लिए लोग सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ आम खाने की चीजें ऐसी भी हैं, जो शरीर में विटामिन डी के असर को कम कर देती हैं? मतलब ये कि चाहे आप सप्लीमेंट्स खा रहे हों या धूप ले रहे हों, लेकिन इन फूड्स को खाते रहेंगे तो कोई फायदा नहीं होगा।
आइए जानें वो 5 फूड्स जो विटामिन डी की कमी को और बढ़ा सकते हैं:
1. प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स
सॉफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, नूडल्स और अन्य पैकेज्ड आइटम में फॉस्फेट की मात्रा अधिक होती है, जो कैल्शियम को शरीर में सही तरीके से काम नहीं करने देती। और क्योंकि कैल्शियम और विटामिन डी एक साथ मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाते हैं, इसलिए प्रोसेस्ड फूड का ज़्यादा सेवन विटामिन डी की कमी को बढ़ा सकता है।
2. शराब का सेवन
शराब पीने से लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जो विटामिन डी को शरीर में एक्टिव रूप में बदलने में बाधा बनती है। लंबे समय तक शराब पीने वालों में विटामिन डी की कमी आम हो जाती है।
3. कैफीन युक्त पेय पदार्थ
अगर आप दिन में कई बार चाय या कॉफी पीते हैं, तो सतर्क हो जाएं। कैफीन विटामिन डी के अवशोषण में रुकावट डाल सकता है। कोशिश करें कि सप्लीमेंट लेने और चाय/कॉफी पीने के बीच कुछ घंटे का अंतर रखें।
4. हाई ऑक्सालेट वाले फूड्स
पालक, चुकंदर और कुछ हरे पत्तेदार सब्जियों में ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है, जो कैल्शियम को बांध देता है। ऐसे में शरीर में कैल्शियम की उपलब्धता कम हो जाती है और विटामिन डी का असर भी कम होता है।
5. लो फैट डाइट
विटामिन डी फैट में घुलने वाला विटामिन है। अगर आपकी डाइट में फैट की मात्रा बहुत कम है, तो शरीर इस विटामिन को सोख नहीं पाएगा। इसलिए हेल्दी फैट्स जैसे एवोकाडो, नट्स या देसी घी को डाइट में शामिल करें।
अगर आप विटामिन डी की कमी से जूझ रहे हैं तो सिर्फ सप्लीमेंट्स पर निर्भर न रहें। अपने खानपान की समीक्षा करें और ऊपर बताए गए फूड्स से दूरी बनाएं ताकि सप्लीमेंट्स सही असर दिखा सकें।







