रायपुर।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में अध्यक्ष पद एक महीने से अधिक समय से खाली है। पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य 8 सितंबर को पद से मुक्त होने के बाद से न तो नए अध्यक्ष की नियुक्ति हुई है और न ही किसी को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इससे आयोग की भर्ती परीक्षाओं, साक्षात्कारों और अहम प्रशासनिक निर्णयों पर सीधा असर पड़ा है।
आयोग ने नवंबर तक प्रस्तावित सभी परीक्षाओं और साक्षात्कारों को स्थगित कर शासन को आधिकारिक सूचना दे दी है। आयोग के अधिकारियों के अनुसार, साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया से जुड़े नीतिगत फैसले अध्यक्ष स्तर पर लिए जाते हैं। नेतृत्व के अभाव में ये निर्णय लंबित हैं, जिससे भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
राज्य सेवा परीक्षा के इंटरव्यू रुके
सबसे बड़ा असर वर्ष 2025 की राज्य सेवा भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों पर पड़ा है। इन अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 23 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच होने थे, लेकिन प्रक्रिया रोक दी गई। अब तक नई तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, जिससे हजारों अभ्यर्थी असमंजस में हैं।
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के 40 पदों की परीक्षा भी स्थगित कर दी गई है। नवंबर में होने वाली पुलिस विभाग के 297 पदों की भर्ती परीक्षा भी अनिश्चितकाल के लिए टल गई है। इन पदों में उप निरीक्षक, सूबेदार और प्लाटून कमांडर शामिल हैं।
सदस्य पद भी रिक्त
आयोग में फिलहाल तीन सदस्य डॉ. प्रवीण वर्मा, सरिता उइके और संतकुमार नेताम कार्यरत हैं। तीनों कांग्रेस शासन के दौरान पद पर बने थे। आयोग में एक सदस्य का पद भी रिक्त है, जिस पर अब तक नियुक्ति नहीं हुई है।
आयोग 2021 के भर्ती घोटाले से जुड़े मामलों को लेकर भी विवाद में है। पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी के बाद आयोग की कार्यप्रणाली और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते रहे हैं।
अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ी
अध्यक्ष की नियुक्ति में लंबी देरी से आगामी परीक्षाओं का कार्यक्रम भी प्रभावित होने की आशंका है। अभ्यर्थियों का कहना है कि नई तारीखों की स्पष्टता न होने से तैयारी और आगे की योजना दोनों प्रभावित हो रहे हैं। राजपत्रित अधिकारी संघ ने भी मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जल्द अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की है, क्योंकि इससे विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया भी अटकी हुई है।







