अंबिकापुर।सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक हाथी शावक की मौत के बाद हाथियों का दल आक्रामक हो गया। अलकापुरी जंगल के पास खेतों में लगाए गए झटका तार की चपेट में आने से शावक की मौत हुई।
शावक की मौत के बाद करीब 27 हाथियों का दल इलाके में घूम रहा है और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों के चिंघाड़ने और गांव के आसपास उनकी मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। महेशपुर के उपकापारा क्षेत्र के आसपास भी हाथियों का दल मौजूद बताया जा रहा है।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने जंगल से लगे गांवों को खाली कराया है। विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं और ग्रामीणों को जंगल तथा हाथियों के नजदीक न जाने की सलाह दी गई है।
पिछले पांच दिनों में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में तीन हाथियों की मौत हो चुकी है। सरगुजा और जशपुर में हाथियों की मौत करंट लगने से हुई, जबकि रायगढ़ में एक हाथी शावक का शव तालाब में मिला। वहां वन विभाग ने डूबने से मौत की आशंका जताई है।
वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए खेतों के आसपास लगाए गए अवैध या खतरनाक बिजली के तारों की निगरानी और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों को उकसाने, उनका पीछा करने या वीडियो बनाने के लिए उनके करीब न जाएं।






