रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा संसद में उठाए गए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े मुद्दों का असर अब छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। लोकसभा में उनके अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1891 के जवाब में केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत राज्य को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लाभ मिला है।

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी एवं जनजातीय बहुल जिलों में कुल 383 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के लिए ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इनमें राजनांदगांव में 77, कोरबा में 76, कांकेर में 73, बस्तर में 59, बीजापुर में 32, कोंडागांव में 30, महासमुंद में 17, दंतेवाड़ा में 11, सुकमा में 7 और नारायणपुर में 1 इकाई शामिल है। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के अंतर्गत बेमेतरा जिले में एमएस केके एग्रो ट्रेड वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की लगभग 68.87 करोड़ रुपये लागत वाली कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर (APC) परियोजना को मंजूरी मिली है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 10 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है।
वहीं रायपुर स्थित एमएस इंडस बेस्ट मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड की 96.58 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत 31.6 एकड़ लीज योग्य भूमि में से 24.1 एकड़ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को आवंटित की जा चुकी है। इसके विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा 39.57 करोड़ रुपये की अनुदान राशि भी जारी कर दी गई है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान और अन्य कृषि-वनोपजों का व्यापक उत्पादन होता है। ऐसे में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के विस्तार से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी, किसानों की आय बढ़ेगी और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।






