नकटी गांव बुलडोजर कार्रवाई पर विधानसभा में हंगामा, पुनर्वास की उठी मांग

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन कांग्रेस ने राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव रखा।

हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष का स्थगन प्रस्ताव खारिज कर दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी।

कांग्रेस ने नकटी गांव में हुई कार्रवाई को असंवैधानिक और अमानवीय बताते हुए सरकार पर गरीब परिवारों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।

विपक्ष का कहना है कि प्रशासन की कार्रवाई में 85 परिवारों के घर तोड़ दिए गए, जिससे वे बेघर हो गए। कांग्रेस ने यह भी कहा कि बारिश के मौसम में इस तरह की कार्रवाई करना बिल्कुल गलत है, क्योंकि ऐसे समय में लोगों को बेघर करने से उनके रहने और रोज़ी-रोटी पर बड़ा असर पड़ता है।

विपक्ष ने सरकार से इस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित परिवारों को तुरंत राहत और पुनर्वास देने की मांग की।

कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना एक मकान भी तोड़ दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान चार गाय और एक बछिया की मौत हो गई।

वहीं कांग्रेस विधायक कवासी लखमा ने कहा कि अगर कार्रवाई करनी ही थी तो चार महीने बाद भी की जा सकती थी। बारिश के मौसम में लोगों को बेघर करना सही फैसला नहीं था।

नकटी गांव की कार्रवाई को लेकर विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि नकटी में की गई पूरी कार्रवाई कानून और संविधान के तहत की गई है।

मंत्री ने बताया कि प्रशासन को गांव में अवैध कब्जे की शिकायत मिली थी, जिसके बाद सभी नियमों का पालन करते हुए कार्रवाई की गई।

स्थगन प्रस्ताव खारिज होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में जोरदार विरोध किया। नाराज विपक्ष के सभी विधायक अपनी सीटों से उठकर वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment