रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री ने UCC और राम मंदिर दान विवाद को लेकर भाजपा सरकार पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि UCC के नाम पर सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की जा रही है, जबकि राम मंदिर डोनेशन मामले में सैकड़ों करोड़ रुपए के बंटवारे को लेकर विवाद सामने आ रहा है।
भूपेश बघेल ने सवाल उठाया कि जब भाजपा शासित कई राज्यों में समान नागरिक संहिता से जुड़े कानून पहले से लागू हैं, तो छत्तीसगढ़ में नई कमेटी बनाने की जरूरत क्यों पड़ गई। उनका कहना है कि यह फैसला सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि UCC का सबसे ज्यादा असर आदिवासी समाज पर पड़ेगा। बघेल के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 42 जनजातियां हैं और सभी की अपनी अलग परंपराएं, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्थाएं हैं। ऐसे में एक समान कानून उनकी सांस्कृतिक पहचान को प्रभावित कर सकता है।
राम मंदिर डोनेशन विवाद पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि सैकड़ों करोड़ रुपए के बंटवारे से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में पारदर्शिता की कमी है और कई अहम CCTV फुटेज भी गायब बताए जा रहे हैं।
बघेल ने कहा कि दर्ज FIR में सिर्फ छोटे कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि असली जिम्मेदार लोगों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सरकार पूरे मामले को दबाने और लीपापोती करने में लगी है।
उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच हो, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सके।





