बकावंड।विकासखंड बकावंड में सरकारी भवनों की जर्जर हालत अब चिंता का विषय बन गई है। पहले पंचायत भवन की छत का प्लास्टर गिरने से दो युवतियां घायल हुई थीं, वहीं अब स्कूल भवन की छत का बड़ा हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के वक्त कक्षा चल रही थी, लेकिन बच्चों और शिक्षकों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली।
बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा के आवास पारा स्थित प्राथमिक शाला भवन में सोमवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल भवन की छत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। उस समय कक्षा में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे और शिक्षक पढ़ा रहे थे।

प्लास्टर गिरने की आवाज सुनते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। कक्षा में मौजूद विद्यार्थी और शिक्षक तुरंत बाहर की ओर भागे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही छोटे देवड़ा के सरपंच संतोष कुमार कश्यप मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों और शिक्षकों का हालचाल जाना। सभी के सुरक्षित होने पर उन्होंने राहत जताई।
सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने सरकार से मांग की है कि प्राथमिक शाला आवास पारा छोटे देवड़ा के लिए जल्द नए भवन की स्वीकृति दी जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
पहले पंचायत भवन में भी हुआ था हादसा
शनिवार को बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत मालगांव के पंचायत भवन में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। यहां महिलाओं और युवतियों को सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। प्रशिक्षण के दौरान छत का प्लास्टर गिरने से दो युवतियां घायल हो गई थीं।
हादसे के समय भवन में करीब दर्जनभर महिलाएं और युवतियां मौजूद थीं। जर्जर भवन की छत का बड़ा हिस्सा अचानक नीचे गिर पड़ा। मलबे की चपेट में आने से दो युवतियों को मामूली चोटें आई थीं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
घटना के बाद महिलाओं ने भवन की जर्जर हालत को देखते हुए जल्द मरम्मत की मांग की है। क्षेत्र क्रमांक 25 की जनपद सदस्य नमिता भोलानाथ नाग ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से भवन की तत्काल मरम्मत कराने और तब तक प्रशिक्षण केंद्र को सुरक्षित स्थान पर संचालित करने की मांग की है।
नया भवन निर्माण जरूरी
सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने कहा कि संभवतः बारिश की वजह से छत का हिस्सा गिरा है। शासन से छोटे देवड़ा के आवास पारा प्राथमिक शाला के लिए नया भवन बनवाने की मांग की जाएगी।





