अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सरकारी आयोजन में उस समय राजनीतिक रंग चढ़ गया जब साजा विधायक ईश्वर साहू अपनी तस्वीर पोस्टर-बैनर में नहीं देखकर नाराज हो गए। नाराजगी इतनी बढ़ी कि विधायक मंच छोड़कर नीचे उतर गए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ,विधायक दीपेश साहू समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आयोजन की प्रचार सामग्री में अन्य नेताओं की तस्वीरें थीं, लेकिन स्थानीय विधायक की फोटो नदारद थी। इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी मानते हुए विधायक ने नाराजगी जाहिर की और मंच से अलग हो गए।

विधायक के मंच छोड़ते ही अधिकारियों के बीच हलचल मच गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल उनसे चर्चा की और स्थिति संभालने की कोशिश की। काफी समझाइश और बातचीत के बाद विधायक दोबारा मंच पर लौटे और कार्यक्रम में शामिल हुए।
बेमेतरा में प्रोटोकॉल विवाद कोई नई बात नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेमेतरा जिला पहले भी प्रोटोकॉल को लेकर विवादों में घिरता रहा है। मुख्यमंत्री विवाह योजना के एक कार्यक्रम में भी पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने प्रोटोकॉल संबंधी चूक पर अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी। ऐसे में योग दिवस के मंच पर फिर वही तस्वीर सामने आने से प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
चूक या अंदरूनी राजनीति?
घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कुछ लोगों का मानना है कि यह सिर्फ प्रोटोकॉल की चूक नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर की अंदरूनी राजनीतिक खींचतान का नतीजा भी हो सकता है। 2028 विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने और पहचान बनाने की होड़ के बीच इस तरह की घटनाएं नए सवाल खड़े कर रही हैं।







