बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र के खरवे गांव में हुई रहस्यमयी मौतों ने पूरे इलाके को हिला दिया है। फरवरी से मई 2026 के बीच गांव में एक के बाद एक 8 लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिससे लोगों में डर और तरह-तरह की चर्चाएं फैल गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कब्रों से शव निकालकर दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का फैसला लिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के किराना व्यापारी रामसाय जायसवाल इन मौतों के पीछे हो सकता है। लोगों का कहना है कि उसने कुछ लोगों को जहरीली शराब पिलाई, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। गांव में यह भी चर्चा है कि एक व्यक्ति ने वही शराब पी थी, लेकिन उसे उल्टी हो गई, जिससे उसकी जान बच गई।

जांच के लिए प्रशासन और पुलिस की टीम ने राजस्व विभाग और एफएसएल की मदद से कब्रों को खोदकर शव बाहर निकाले। शनिवार को पहले महत्तरू साहू (40) का शव निकालकर रायपुर भेजा गया। इसके बाद मंगलवार को बाकी 6 शव भी जेसीबी की मदद से कब्र से बाहर निकाले गए। एक मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था, इसलिए उनका पोस्टमॉर्टम दोबारा नहीं हो सका। बाकी 7 शवों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
मरने वालों में चैतू साहू (55), पूर्व सरपंच छातूराम साहू (58), विनोद साहू (36), बद्री पटेल (58), जगानंद माछी (50), बुटालू साहू, बुधराम जायसवाल और महत्तरू साहू (40) शामिल हैं।
ग्रामीणों में यह भी चर्चा है कि आरोपी ने जमीन में दबे हंडे ( खजाने ) को निकालने के लिए तंत्र-मंत्र का सहारा लिया और इसी वजह से ये मौतें हुईं। हालांकि पुलिस ने इन बातों को अफवाह बताया है। एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक ने कहा है कि असली कारण फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा और हर एंगल से जांच की जा रही है।
फिलहाल गांव में डर और गुस्से का माहौल है। लोग मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सभी की नजर फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ होगा कि यह जहरीली शराब का मामला है या किसी तरह के अंधविश्वास से जुड़ा गंभीर अपराध।







