महासमुंद। छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किसान मोर्चा की भूमि पर किए गए कथित अवैध कब्जे के मामले में उन्हें बड़ी कानूनी सफलता मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के डायरेक्टर निर्णय चौधरी तथा मामले से जुड़े कुछ अन्य लोगों ने नियमों की अवहेलना करते हुए किसानों और शासकीय भूमि पर कब्जा किया।


अनिल दुबे द्वारा दायर परिवाद पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) महासमुंद ने मामले को अग्रेषित करते हुए संबंधित प्राधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दुबे का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
परिवाद के अनुसार, कौवाझर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-53 से लगी भूमि के खसरा नंबर 1103/1, रकबा 0.02 हेक्टेयर पर करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर उसे अपनी बाउंड्री के भीतर शामिल कर लिया गया। यह भूमि हेमसागर पटेल द्वारा दानपत्र के माध्यम से हस्तांतरित की गई है।
अनिल दुबे ने कहा कि किसान मोर्चा किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ता रहेगा और भूमि से जुड़े मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।





