रायपुर।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने रायपुर क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्ती करते हुए 94 उद्योगों को नोटिस जारी किया है। पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर इन पर कुल 3 करोड़ 3 लाख रुपये से ज्यादा की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है।
मंडल की ओर से रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में चल रहे उद्योगों की लगातार निगरानी और औचक जांच की जा रही है। यह कार्रवाई वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत की गई है।
जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच 82 उद्योगों को उत्पादन बंद करने या बिजली कनेक्शन काटने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं 96 उद्योगों पर 2.40 करोड़ रुपये से अधिक का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया गया है।
कच्चा माल, तैयार उत्पाद और ठोस कचरे को बिना तिरपाल ढंके ले जाने पर भी सख्ती की गई है। ऐसे 136 उद्योगों और संस्थानों पर 51 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया है। फ्लाई ऐश के अवैध परिवहन और डंपिंग के मामलों में भी 2 उद्योगों पर 12 लाख रुपये की पेनल्टी लगी है।
सिंगल यूज प्लास्टिक के मामलों में भी कार्रवाई की गई है। एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए 87 हजार रुपये से ज्यादा की क्षतिपूर्ति लगाई गई और कोर्ट में मामला दर्ज किया गया है। वहीं एक अन्य उद्योग पर 6.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
मंडल के अनुसार रायपुर की हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार भी दर्ज किया गया है। 2024 में जहां औसत AQI 65.38 था, वहीं 2025 में यह घटकर 62.86 हो गया है, यानी करीब 4 प्रतिशत सुधार हुआ है। विभाग ने साफ कहा है कि नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




