कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र ग्राम पंचायत साजापानी में विकास कार्यों की सच्चाई अब सड़क पर बिखरती नजर आ रही है। वर्ष 2019 में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से लगभग 5 लाख रुपये की लागत से बनाई गई सड़क आज भ्रष्टाचार, लापरवाही और घटिया निर्माण की जीती-जागती तस्वीर बन चुकी है। सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जबकि नाले पर बनी पुलिया में दरारें पड़ गई हैं।
छत्तीसगढ़ मानव अधिकार जे.जे.एफ. के प्रदेश सचिव शिवचरण चौहन ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि केनाभाठा से गौटियापारा तक बनाई गई सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद दम तोड़ गई। अब हालत यह है कि सड़क मार्ग कम और कीचड़ भरा नाला अधिक दिखाई दे रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क के रखरखाव में घोर लापरवाही बरती गई। जिम्मेदारों की अनदेखी का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने सड़क पर कब्जा कर घरों का गंदा पानी बहाना शुरू कर दिया। परिणामस्वरूप पूरी सड़क कीचड़, गंदगी और दलदल में तब्दील हो चुकी है। राहगीरों और ग्रामीणों का निकलना तक दूभर हो गया है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि वर्षा ऋतु से पहले सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण नहीं कराया गया, तो बरसात में पूरा मार्ग दलदल में बदल जाएगा और गांव का संपर्क टूट सकता है। लोगों का कहना है कि अभी से हालात बदतर हैं, ऐसे में बारिश आने के बाद स्थिति भयावह हो जाएगी।
मानव अधिकार संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और पंचायत प्रतिनिधियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही वर्षा से पहले सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि वनांचल क्षेत्र की आड़ लेकर जिम्मेदारों ने गुणवत्ता को ताक पर रख सरकारी धन का खुला बंदरबांट किया। अब बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर जनता के टैक्स का पैसा विकास में लगा या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया?








