रायपुर में अश्विनी नगर स्थित सुशासन तिहार शिविर के दौरान सांसद ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अवैध शराब के मुद्दे पर पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
सांसद ने मौके पर ही उन इलाकों के नाम भी गिनाए जहां खुलेआम अवैध शराब बिकने की बात कही जाती है। इनमें भाठागांव, मठपुरैना, चंगोराभाठा, संतोषी नगर और टिकरापारा जैसे क्षेत्र शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि जब आम लोग, स्थानीय नेता और मोहल्ले के लोग तक जानते हैं कि अवैध शराब कहां बिक रही है, तो पुलिस को यह जानकारी क्यों नहीं है।
सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर बड़े लोग भी इस धंधे में शामिल हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत पड़े तो गिरफ्तार कर तीन महीने तक जमानत न मिले, तभी इस पर रोक लग पाएगी।
कार्यक्रम में मौजूद महापौर और अधिकारियों के सामने हुई इस सख्त टिप्पणी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
अब देखना होगा कि सांसद की इस फटकार के बाद अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई तेज होती है या मामला सिर्फ बयान तक ही सीमित रह जाता है।





