केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख दिखाते हुए 2003 बैच की वरिष्ठ IAS अधिकारी पद्मा जायसवाल को सेवा से बाहर कर दिया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT) की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति ने इस फैसले को मंजूरी दी।
मामला साल 2007-08 का बताया जा रहा है, जब पद्मा जायसवाल अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में उपायुक्त थीं। उस दौरान उन पर सरकारी पैसों के गलत इस्तेमाल और पद का दुरुपयोग करने के आरोप लगे थे।
जांच में भ्रष्टाचार से जुड़े पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उनके करियर पर पूर्ण विराम लग गया।
लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पद्मा जायसवाल ने इस बर्खास्तगी की जानकारी होने से इनकार किया है।



