ओडिशा में JSW, वेदांता, अडानी और टाटा जैसे बड़े कॉरपोरेट समूहों का विकास के नाम पर लूट चल रहा है पहले जंगल काटो, फिर पहाड़ खोदो, गांव खाली करवाओ और आखिर में इसे जनता के हित का नाम दे दो। ढिंकिया, सिजिमाली-तिजमाली, नियामगिरि, गंधमर्दन और कालिंगानगर समेत ओडिशा के कई इलाकों में इन कॉरपोरेट्स के प्रोजेक्ट्स को लेकर लगातार विवाद और विरोध देखने को मिल रहा है।
आदिवासी समूहों का आरोप है कि उनके जल, जंगल और जमीन को “विकास” के नाम पर कॉरपोरेट कंपनियों के हवाले किया जा रहा है, जबकि सरकार मूकदर्शक नहीं बल्कि “कॉरपोरेट मैनेजर” की भूमिका में दिखाई दे रही है। भाजपा सरकार भी इन कॉर्पोरेट्स का गुलाम बनी हुई है।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जगतसिंहपुर जनपद के ढिंकिया से पदयात्रा शुरू की थी, जो आज भुवनेश्वर स्थित राजभवन पहुंची। पदयात्रा में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लाखों आदिवासी परिवारों के हक-अधिकारों को नजरअंदाज कर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी जा रही है।
राजभवन पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि आदिवासियों के अस्तित्व, अधिकार और न्याय की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “हक और अधिकार का यह कारवां अब रुकने वाला नहीं है”, चाहे सत्ता कॉरपोरेट्स के साथ खड़ी दिखाई दे या जनता के सवालों से बचती रहे।



