सुकमा में तेंदूपत्ता खरीदी को लेकर इस बार विवाद खड़ा हो गया है। सीजन शुरू होते ही कई फड़ों को सिर्फ तीन दिन चलाने के बाद ही बंद कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों में नाराज़गी है।
हजारों आदिवासी परिवार जंगल से मेहनत करके तेंदूपत्ता तोड़कर ला चुके हैं, लेकिन अब फड़ बंद होने से उनका पत्ता वहीं पड़ा हुआ है और उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
इस मुद्दे को लेकर बस्तरिया राज मोर्चा ने कलेक्टर और डीएफओ को ज्ञापन सौंपा है और खरीदी फिर से शुरू करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर फैसला नहीं बदला गया तो आंदोलन किया जाएगा।
इस साल जिले में करीब 1 लाख 8 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता खरीदने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक सिर्फ लगभग 25 हजार बोरा ही खरीदी हो पाई है। ऐसे में समय से पहले फड़ बंद किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों और संगठनों का कहना है कि खरीदी की अवधि बढ़ाई जाए और जब तक तेंदूपत्ता उपलब्ध है, फड़ लगातार खुले रखे जाएं, ताकि आदिवासी परिवारों की सालभर की कमाई प्रभावित न हो।



