दीपा सागर की संदिग्ध मौत: राष्ट्रीय गाँड़ा महासमाज ने मांगी उच्चस्तरीय न्यायिक जांच, 5 नवंबर को राज्यपाल-डीजीपी-गृहमंत्री को सौंपेंगे ज्ञापन

Madhya Bharat Desk
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जगदलपुर। बस्तर जिले के जगदलपुर स्थित बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा शोरूम में कार्यरत 21 वर्षीय युवती दीपा सागर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर न्याय की मांग तेज हो गई है। राष्ट्रीय गाँड़ा महासमाज के राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा भारतवासी ने मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।

दीपा सागर का शव सोमवार सुबह बाफना लाइफस्टाइल कपड़ा दुकान की छत स्थित जनरेटर रूम में मिला था। वह करीब एक सप्ताह पहले ही इस शोरूम में ग्राउंड स्टाफ के रूप में काम करनी शुरू किया थी।  पुलिस की प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है और घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट बरामद होने की बात कही गई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल

मृतका के परिजनों ने इसे सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों का कहना है कि युवती के शरीर पर चोट, खरोंच और नाखूनों के निशान मिले हैं, जबकि उसका मोबाइल फोन दुकान में छूट गया था।

बताया जा रहा है कि दीपा रविवार शाम करीब 6 बजे दुकान में नजर नहीं आई थी। सहकर्मियों को लगा कि वह घर चली गई है, लेकिन अगली सुबह उसका शव छत पर मिलने से परिवार में कोहराम मच गया।  परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने में देरी और शोरूम प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

सुसाइड नोट फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा

मामले में जांच का दायरा बढ़ाया जा चुका है। शव के पास से बरामद कथित सुसाइड नोट की प्रामाणिकता जांचने के लिए उसे हैंडराइटिंग एवं फॉरेंसिक विशेषज्ञ के पास भेजा गया है।  पुलिस की मानें तो मृतका की मौत फांसी से हुई आशंका है और यह भी संभावना जताई गई है कि दुपट्टा टूटने से शव छत पर गिरा हो।

महासमाज की प्रमुख मांगें

  • राष्ट्रीय गाँड़ा महासमाज ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निम्न मांगें रखी हैं:
  • दीपा सागर की मौत की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए।
  • बाफना लाइफस्टाइल के मालिक, प्रबंधन तथा घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो।
  • शोरूम के सभी सीसीटीवी फुटेज जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
  • मृतका के मोबाइल, कॉल डिटेल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाए।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट, खरोंच तथा नाखूनों के निशानों का विशेष परीक्षण कराया जाए।
  • कथित सुसाइड नोट की लिखावट और बरामदगी की प्रक्रिया की जांच हो।
  • थाना प्रभारी एवं जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए।
  • सभी संवेदनशील साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और परिवार को न्याय दिलाया जाए।

5 नवंबर को ज्ञापन सौंपने की तैयारी

बनमाली छुरा भारतवासी ने कहा कि 5 नवंबर 2026 को राष्ट्रीय गाँड़ा महासमाज छत्तीसगढ़ के राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृहमंत्री को लिखित आवेदन एवं ज्ञापन सौंपेगा। संगठन की मांग है कि जांच केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रहे, बल्कि वरिष्ठ एवं स्वतंत्र जांच अधिकारियों की निगरानी में कराई जाए, ताकि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में सच्चाई दबाई न जा सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी को बिना प्रमाण दोषी नहीं ठहरा रहा है, लेकिन शोरूम प्रबंधन, मालिक और संबंधित पुलिस अधिकारियों सहित हर पहलू की निष्पक्ष जांच चाहता है। उन्होंने कहा, “यदि यह आत्महत्या है तो उसके पीछे की परिस्थितियां सामने आनी चाहिए और यदि हत्या है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।”

घटना के बाद शोरूम के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन भी हुआ, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।

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