बिहार के सीवान जिले में शुक्रवार शाम एक घर में रखे पटाखों में आग लगने के बाद भीषण विस्फोट हो गया। जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव की इस घटना में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पति-पत्नी समेत सात लोगों की जान गई, हालांकि प्रशासन की ओर से मृतकों की अंतिम संख्या की पुष्टि अभी बाकी है।
सूचना के मुताबिक, घटना आलमपुर गांव निवासी मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां के मकान में हुई, जहां पटाखे बनाए और संग्रहित किए जाते थे। अचानक आग भड़कने के बाद लगातार विस्फोट होने लगे, जिनकी गूंज करीब डेढ़ से दो घंटे तक आसपास के इलाके में सुनाई देती रही।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक बताई जा रही है कि मकान का अगला हिस्सा ढहकर सड़क पर जा गिरा। विस्फोट के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग घबराहट में घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, अमीरुद्दीन मियां शादी-समारोह और अन्य कार्यक्रमों के लिए पटाखों की आपूर्ति करते थे। आरोप है कि मकान में पटाखा निर्माण के लिए रसायन और विस्फोटक सामग्री भी रखी गई थी, जिससे आग फैलने पर नुकसान और बढ़ गया।
लगातार धमाकों और धुएं के बीच राहत एवं बचाव कार्य में काफी दिक्कत आई। घटना की भयावहता के चलते मृतकों के शवों की पहचान भी पुलिस और मेडिकल टीम के लिए चुनौती बनी हुई है।
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची। बाद में डीआईजी सारण, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और महाराजगंज के अनुमंडल पदाधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
मौके पर एफएसएल, डॉग स्क्वायड, मेडिकल और बिजली विभाग की टीमें भी तैनात की गईं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर साक्ष्य एकत्र किए और प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विस्फोट का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही हादसे की वजह, पटाखों के भंडारण और निर्माण से जुड़े सवालों पर निर्णय लिया जा सकेगा। जांच की जिम्मेदारी महाराजगंज के सर्किल इंस्पेक्टर को दी गई है, जबकि मामले की छानबीन के लिए विशेष टीम भी गठित की गई है।





