SIR के बाद नाम जुड़वाना आसान: फॉर्म-6 से हटी 2003 की सूची खोजने की बाध्यता

Madhya Bharat Desk
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बिलासपुर।चुनाव आयोग के फॉर्म-6 में 2003 की मतदाता सूची में अपने या माता-पिता, दादा-दादी के नाम की जानकारी देने की अनिवार्यता को लेकर विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उसने फॉर्म-6 में किए गए संशोधन को न तो मंजूरी दी है और न ही नामंजूर किया है, क्योंकि यह मुद्दा निर्णय के लिए कोर्ट के समक्ष नहीं आया था।

इस बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। यहां फॉर्म-6 के साथ 2003 की मतदाता सूची से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र देने की बाध्यता हटा दी गई है। अब पात्र आवेदक बिना पुरानी सूची में अपने या परिवार के सदस्य का नाम खोजे सीधे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकेंगे। इससे जिले में लगभग 2.92 लाख प्रभावित मतदाताओं को लाभ होने की संभावना है।

बताया जाता है कि SIR के दौरान फॉर्म-6 में एक अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी, जिसमें आवेदक को बताना होता था कि 2002-03 की मतदाता सूची में उसका अपना नाम या उसके माता-पिता/दादा-दादी का नाम है या नहीं। इस शर्त को लेकर आलोचना हो रही थी कि इससे नए मतदाताओं और उन परिवारों के लिए पंजीकरण कठिन हो सकता है, जिनके पास पुराना रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

अब बिलासपुर में नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट में नाम तलाशना जरूरी नहीं रहेगा। पात्र लोग फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकेंगे, लेकिन उनकी आयु, निवास और पात्रता संबंधी दस्तावेजों की जांच पहले की तरह होगी।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में बताया कि नाम जुड़वाने का विशेष अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके लिए जिले में 1,815 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) लगाए गए हैं, जो घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं की पहचान और पंजीकरण कराएंगे।

इस अभियान में 17 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थी भी फॉर्म-6 भर सकेंगे। 18 वर्ष की उम्र पूरी होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। कॉलेजों में पढ़ने वाले 18 वर्ष या अधिक उम्र के ऐसे छात्र-छात्राएं, जिनके नाम सूची में नहीं हैं, उनका भी पंजीयन कराया जाएगा। कलेक्टर ने राजनीतिक दलों से छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान कराने में सहयोग मांगा है।

यह कदम उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनके पास 2003 की मतदाता सूची से जुड़ा दस्तावेज या जानकारी नहीं है। नए मतदाता, प्रवास के कारण पता बदलने वाले लोग और पुराने रिकॉर्ड न रखने वाले परिवारों को अब अतिरिक्त रुकावट से मुक्ति मिलेगी। फॉर्म-6 नए मतदाता बनने या मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य फॉर्म है।

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