नई दिल्ली।वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली को किले में बदल दिया गया है। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए ट्रेनें और बसें तक रोकी जा रही हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट की गई और पुलिसकर्मियों पर भी लोगों को पीटने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर कानूनी, राजनीतिक और मनोवैज्ञानिक समेत कई स्तरों पर लड़ाई लड़ रहा है। राहुल के मुताबिक, यह लड़ाई संविधान, जनता की आवाज और देश के भविष्य को बचाने के लिए है।
200 अधिकारियों के संपर्क में होने का दावा
राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें लगातार जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत कुछ लोगों पर वोट चोरी कराने के आरोप लगाए। हालांकि, राहुल गांधी के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी
विपक्षी इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक लगाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसी मांगें उठा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को गठबंधन ने ‘चलो दिल्ली मार्च फॉर डेमोक्रेसी’ के तहत सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की योजना बनाई।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए मार्च निकालना जरूरी नहीं है। उन्होंने विपक्ष को कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।
अब इस पूरे मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और चुनाव आयोग व केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।






