रायपुर।छत्तीसगढ़ में हुए युवा कांग्रेस के चुनाव में फर्जी वोटिंग और OTP मांगने को लेकर सामने आई शिकायतें अब दिल्ली स्थित चुनाव प्राधिकरण तक पहुंच गई हैं। दावा किया जा रहा है कि प्रदेशभर से करीब 400 शिकायतें चुनाव प्राधिकरण के पास पहुंची हैं।
शिकायतकर्ताओं ने पूरे मामले की जांच कराने और जांच पूरी होने तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक कथित फर्जी वोटिंग की जांच नहीं हो जाती, तब तक चुनाव के नतीजे घोषित नहीं किए जाने चाहिए।
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विनय शील ने भी मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी और फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुनाव में इस्तेमाल किए गए ‘With IYC’ ऐप में तकनीकी खामी या किसी तरह के हस्तक्षेप की जांच की मांग की है।
विनय शील ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उनके ऐप अकाउंट में अचानक सात नए ‘अनपेड वोट’ जुड़ गए। उनके अनुसार इनमें एक वोट सूरजपुर, चार खैरागढ़-छुईखदान और दो वोट कोरबा से जुड़े हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी सात वोट प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी क्रमांक-4 के पक्ष में दर्ज हुए हैं। विनय शील का कहना है कि इन सात वोटों के लिए उन्होंने खुद किसी तरह का मतदान नहीं कराया है।
अब शिकायतकर्ताओं की मांग है कि मतदान प्रक्रिया और ऐप से जुड़े तकनीकी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाए। इसके बाद ही चुनाव के परिणाम घोषित किए जाएं।






