आयुष्मान-बीजू कार्ड में फर्जीवाड़ा: 17 अस्पतालों पर छापा, दो का लाइसेंस रद्द

Madhya Bharat Desk
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रायपुर।छत्तीसगढ़ के 17 निजी अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक साथ छापेमारी की है। जांच में गड़बड़ियां मिलने पर रायपुर के दो अस्पतालों का आयुष्मान पंजीयन तुरंत रद्द कर दिया गया है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), नई दिल्ली ने कुछ अस्पतालों को ‘वेरी हाई रिस्क’ कैटेगरी में चिन्हित किया था। इन अस्पतालों से फर्जी बिलिंग, मरीजों से ज्यादा पैसे वसूलने और डमी केस दिखाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य संचालनालय ने राज्य स्तरीय जांच दल बनाया और 30 सितंबर 2026 को इन 17 अस्पतालों का निरीक्षण किया गया।

स्वास्थ्य विभाग के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने बताया कि जांच टीम ने आयुष्मान मरीजों के इलाज से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज इकट्ठे किए हैं। अब इनका बारीकी से परीक्षण किया जाएगा और तथ्य सामने आने पर आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जांच सिर्फ आयुष्मान कार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि बीजू स्वास्थ्य कार्ड में भी अनियमितताओं की जांच चल रही है।

जांच दल की सिफारिश पर 28 और 29 सितंबर को रायपुर के दो अस्पतालों मेडलाइफ सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एंड एडवांस यूरोलॉजी सेंटर का आयुष्मान पंजीयन निरस्त कर दिया गया। मेडलाइफ हॉस्पिटल में टीएमएस पोर्टल पर 28 सितंबर को महज डेढ़ घंटे में 26 मरीजों के डिस्चार्ज का रिकॉर्ड मिला। जांच में सामने आया कि एजेंटों के जरिए ग्रामीण इलाकों से मरीजों को ग्रुप में लाया जा रहा था और कमीशन दिया जा रहा था। सीएमएचओ को एफआईआर दर्ज करने और नर्सिंग होम एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

लोटस हॉस्पिटल में निर्धारित राशि से अधिक पैसे वसूलने की शिकायत सही पाई गई, इसलिए पंजीयन तत्काल रद्द कर दिया गया। विभाग की जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि किन अस्पतालों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई होगी।

जांच के दायरे में रायपुर के सात, बिलासपुर के तीन, दुर्ग के दो और सरगुजा, बस्तर, कबीरधाम, कोंडागांव व कोरबा के एक-एक अस्पताल शामिल हैं। रायपुर में श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल, श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर हॉस्पिटल, श्रीनिवास हॉस्पिटल, एसके केयर हॉस्पिटल, विजन सेंटर आई हॉस्पिटल और वरदान हॉस्पिटल शामिल हैं। बिलासपुर में अशोक प्रसूति मंदिर, केयर एन क्योर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल और मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम का निरीक्षण किया गया। दुर्ग में श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और पल्स हॉस्पिटल जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा बस्तर का एससीएच हॉस्पिटल, कबीरधाम का जय जगन्नाथ हेल्थकेयर, कोंडागांव का नेताम हॉस्पिटल, कोरबा का हरि कृष्ण केयर हॉस्पिटल और सरगुजा का डीएचटी केयर हॉस्पिटल भी जांच में शामिल हैं।

विभाग का कहना है कि आयुष्मान और बीजू योजना का लाभ आम लोगों तक सही तरीके से पहुंचे, इसलिए फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

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