रायपुर/भोपाल/जयपुर।अर्नब चक्रवात के कारण मध्य भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिसके चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है और कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ में सभी स्कूल बंद, जगदलपुर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश
छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 26 सितंबर को प्रदेश के सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। यह फैसला भारी बारिश से जलभराव, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और आवागमन में परेशानी को देखते हुए लिया गया है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने की अपील की है।
बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो जगदलपुर में सबसे ज्यादा 246.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो रिकॉर्ड तोड़ है। इसके अलावा राजनांदगांव में 87 मिलीमीटर, लालपुर रायपुर में 77.3 मिलीमीटर, माना एयरपोर्ट में 69.4 मिलीमीटर और दुर्ग में 49.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है।
मौसम विभाग ने 26 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40-50 किमी/घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तूफानी हवाएं चल सकती हैं, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
धमतरी में गंगरेल बांध के 14 गेट खुले, 45 गांवों में बाढ़ अलर्ट
धमतरी जिले में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं और बांध से लगभग 2.5 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब गंगरेल बांध के सभी गेट खोले गए हों, इससे पहले 2022 में भी भारी बारिश के कारण बांध के 14 गेट खोले गए थे।
जल संसाधन विभाग के अनुसार 25-26 सितंबर 2026 की स्थिति में धमतरी के चारों प्रमुख जलाशय लबालब भर चुके हैं। गंगरेल बांध 98.14%, मुरुमसिल्ली बांध 100%, दुधावा बांध 97.21% और सोढूंर बांध 88.18% भरा हुआ है। लगातार पानी की आवक को देखते हुए इन जलाशयों से पानी नदियों में छोड़ा जा रहा है, जिससे महानदी और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
महानदी के तटीय इलाकों में बसे करीब 45 गांवों में बाढ़ अलर्ट जारी किया गया है। जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। जल संसाधन विभाग द्वारा बांधों से पानी छोड़े जाने का नजारा देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी पहुंच रहे हैं।
गरियाबंद में सिकासेर बांध के 12 गेट खुले
पड़ोसी गरियाबंद जिले में भी बारिश का दौर जारी है और सिकासेर बांध 89.32% से 99% तक भर चुका है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध के 12 गेट खोल दिए गए हैं और लगभग 20,000 से 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जलाशय का जलस्तर 1330 फीट दर्ज किया गया है और प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मध्य प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सतना-मैहर में स्कूल बंद
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अगले 48 घंटे तक बारिश का असर बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को जबलपुर-रीवा संभाग समेत 18 जिलों में भारी या अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और सतना में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिन जिलों में तेज बारिश को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं।
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सतना जिले में शनिवार को नर्सरी से कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे, वहीं मैहर जिले में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में भिंड, दतिया, पन्ना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, दमोह, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, पांढुर्णा, अनूपपुर, सागर और पन्ना में बूंदाबांदी होने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक सितंबर के आखिरी सप्ताह में मध्य प्रदेश का मौसम फिर एक्टिव हुआ है। गहरे अवदाब की ताकत भले ही धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन इसकी उत्तर-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ती चाल और इससे मिलने वाली नमी के कारण पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने अगले 48 घंटे को महत्वपूर्ण बताया है और प्रशासन, किसान और आम लोगों को मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
राजस्थान में 29 सितंबर तक बारिश के आसार, 10 जिलों में अलर्ट
राजस्थान में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब का असर अब राजस्थान में भी दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 29 सितंबर तक इस सिस्टम के साथ पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय रहेगा, इसके चलते जयपुर और भरतपुर संभाग के कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 27 सितंबर को प्रदेश के 10 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
पिछले 24 घंटे में राजस्थान में मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहा, लेकिन पूर्वी राजस्थान के साथ पश्चिमी जिलों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में पारा अभी भी 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे गर्मी का असर जारी है। शुक्रवार को पूर्वी राजस्थान के अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली इलाकों में तापमान में बड़ी गिरावट देखने को मिली, अलवर में अधिकतम तापमान 5 डिग्री गिरकर 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं अजमेर में अधिकतम तापमान 35.2, भीलवाड़ा में 35, चूरु में 37.4, करौली में 28.9, प्रतापगढ़ में 32.7, टोंक में 32.7, सीकर में 35.2, कोटा में 32.3 और गंगानगर में 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। जयपुर में शुक्रवार को दिनभर आसमान साफ रहा और धूप खिली रही, हालांकि हवा चलने से गर्मी का असर कुछ कम महसूस हुआ। यहां अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और मौसम विभाग ने जयपुर में 29 सितंबर तक बादल छाने और बारिश होने की संभावना जताई है।
जोधपुर में सितंबर के आखिरी दिनों में भी गर्मी से राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को यहां अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य तापमान से 5.5 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक है। कोटा में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस रहा और इस मानसून सीजन में कोटा में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार को तेज धूप के कारण उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे और इस सीजन में अब तक कोटा में 439.1 एमएम बारिश हुई है।
उदयपुर में पिछले पांच दिनों में गर्मी फिर बढ़ी है। शहर का अधिकतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। शुक्रवार को उदयपुर में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, वहीं न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
मुख्यमंत्री साय के निर्देश: कलेक्टर अलर्ट रहें, राहत दल तैयार रखें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए सभी जिलों के कलेक्टरों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जरुरतमंद लोगों तक तुरंत मदद पहुंचाने और राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने को कहा है। मुख्यमंत्री ने निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं और खतरे की स्थिति में लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों, पुल-पुलियों, तेज बहाव वाले इलाकों और उफनते नदी-नालों से दूरी बनाए रखें। राहत दलों को भोजन, पेयजल, दवाइयों और जरूरी सुविधाओं के साथ तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरुरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सहायता मिल सके।
मानसून की विदाई में अब सिर्फ 5 दिन बाकी
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून का समय 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है, यानी अब मानसून की विदाई में करीब पांच दिन बाकी हैं। आने वाले दिनों में प्रदेश से मानसून लौटने की शुरुआत हो सकती है। राजस्थान के कई जिलों से मानसून पहले ही विदा हो चुका है।
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं। नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों में बेवजह जाने से बचें, मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें।





