छत्तीसगढ़ के उत्तरी वनांचल में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। इसी बीच मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के बिहारपुर परिक्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अमृतधारा के पास 12 हाथियों का दल पहुंच गया। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गांव खाली कराया और ग्रामीणों को रातभर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में ठहराया।
40 से अधिक ग्रामीणों को रेस्ट हाउस में किया गया शिफ्ट
बताया गया कि 12 हाथियों का दल दो दिन पहले गरुडोल के महादेवपुर जंगल में पहुंचा था। वन विभाग की टीम लगातार उनकी लोकेशन पर नजर रख रही थी। रविवार दोपहर बाद जब हाथियों का रुख अमृतधारा गांव की ओर हुआ, तो वनकर्मियों ने गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रात करीब 7:30 बजे गांव के 25 मकानों में रहने वाले 40 से अधिक ग्रामीणों और बच्चों को कपड़े व जरूरी सामान के साथ अमृतधारा फॉरेस्ट रेस्ट हाउस पहुंचाया गया। वन विभाग की टीम पूरी रात जंगल में निगरानी करती रही।
सुबह हाथियों का दल सीमा पार कर कोरिया वनमंडल के देवगढ़ परिक्षेत्र की ओर बढ़ गया। इसके बाद ग्रामीणों को वापस घर लौटने की अनुमति दी गई।
एक दशक से इसी रास्ते से गुजर रहा है हाथियों का दल
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले करीब 10 वर्षों से अगस्त के दूसरे और सितंबर के पहले पखवाड़े के बीच 12 हाथियों का यह दल इसी पारंपरिक रास्ते से गुजरता आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले हाथियों ने कई बार रास्ते में आने वाले कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, इस बार राहत की बात रही कि हाथियों ने किसी घर या फसल को नुकसान नहीं पहुंचाया।
फिलहाल हाथियों का दल बैकुंठपुर वनमंडल के उत्तर तर्रा और दामुज क्षेत्र में विचरण कर रहा है। वन विभाग के अनुसार, दल के आगे केतकी झरिया, नगर और दुर्गापुर होते हुए सलबा-सलका कंदाबारी की ओर बढ़ने की संभावना है।
सड़क पर अकेले घूम रहे दंतैल ने युवकों को दौड़ाया
उधर, चोटिया-बैकुंठपुर राजकीय राजमार्ग पर झुंड से बिछड़ा एक उग्र दंतैल हाथी सड़क पर आ गया। हाथी को देखकर वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान कुछ युवक उसके बेहद करीब जाकर वीडियो बनाने लगे। पीछे खड़े कुछ लोग हूटिंग कर हाथी को परेशान कर रहे थे।
इससे नाराज होकर दंतैल अचानक युवकों की ओर दौड़ पड़ा। इसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई और लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। वाहन चालकों को भी अपने वाहन पीछे करने पड़े। वन विभाग की हुल्ला पार्टी को भी कुछ देर के लिए पीछे हटना पड़ा। बाद में हाथी जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
बच्चे को सनरूफ से हाथी दिखाने का वीडियो वायरल
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक परिवार कार की सनरूफ खोलकर छोटे बच्चे को हाथी दिखाता नजर आ रहा है। वन विभाग ने इस तरह की लापरवाही को गंभीर बताया है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि झुंड से अलग घूम रहे या उग्र हाथियों के पास न जाएं। हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें और उन्हें चिढ़ाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने से बचें।






