छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सत्ता और संगठन के बीच सामंजस्य बिगड़े हुए दिख रहे है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अध्यक्ष किरण सिंहदेव आरोपी विधायक रामकुमार टोप्पो के पक्ष में आते दिख रहे है और विधायक टोप्पो के गिरफ्तारी के खिलाफ उनका समर्थन कर रहे है जबकि पूरा राजस्व संघ उसके गिरफ्तारी पर अड़ा हुआ है।
विधायक रामकुमार नायब तहसीलदार से मारपीट के आरोप के चलते विवादों में है। पुलिस ने मामला दर्ज किया है पर उसके समर्थकों ने गिरफ्तारी रोकने के लिए सड़क जाम किए हुए है। वहीं पूरे प्रदेश भर के नायब तहसीलद विरोध में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि जिस समय पूरा राजस्व अमला विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े हुए है उस समय भाजपा संगठन का शीर्ष नेतृत्व विधायक के प्रति सहानुभूतिपूर्ण नजर आ रहा है। इससे सरकार और संगठन के बीच संदेशों में विरोधाभास की स्थिति दिखाई दे रही है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का रुख पर सवाल खड़े हो रहे है ।सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार, किरण सिंह देव लगातार विधायक के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं और गिरफ्तारी को लेकर भी संयम बरतने की बात कर रहे हैं। सवाल उठ रहे है कि आखिर भाजपा का आधिकारिक रुख क्या है। इससे यह धारणा बन रही है कि सत्ता और संगठन इस मुद्दे पर एकमत नहीं हैं।





