सूरजपुर जिले के शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के बीच शुरू हुआ राजनीतिक घमासान बुधवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। दीपक बैज और टीएस सिंहदेव ने कांग्रेस नेता नागेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट मामले के विरोध में शुरू किया गया अनशन प्रशासन की सहमति के बाद समाप्त कर दिया। दोनों नेताओं ने नारियल पानी पीकर अपना उपवास तोड़ा।
कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि नगर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने के लिए पार्टी पदाधिकारी पर राजनीतिक दबाव में झूठा मामला दर्ज किया गया। मंगलवार शाम से शुरू हुए इस आमरण अनशन ने पूरे प्रदेश की राजनीति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। देर रात तक चली प्रशासन और कांग्रेस नेताओं की बातचीत के बाद आखिरकार समाधान निकल आया।
कांग्रेस की मांगों पर बनी सहमति
प्रशासन ने कांग्रेस की तीन अहम मांगें स्वीकार कीं। भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज की गई, नागेंद्र जैन पर दर्ज मामले की जांच डीएसपी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई और विश्रामपुर थाना प्रभारी को छुट्टी पर भेज दिया गया। इन फैसलों के बाद कांग्रेस ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई न्याय और लोकतंत्र बचाने की थी, जिसमें अंततः जीत जनता की हुई। वहीं टीएस सिंहदेव ने कहा कि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया है, इसलिए फिलहाल आंदोलन स्थगित किया जा रहा है।
भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच Bhupesh Baghel ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को डराने और चुनाव प्रभावित करने के लिए फर्जी केस दर्ज किए जा रहे हैं। बघेल ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सत्ता हमेशा स्थायी नहीं रहती और लोकतंत्र में जनता सब देख रही है।
जानिए कैसे शुरू हुआ विवाद
कांग्रेस के मुताबिक भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के बीच चुनावी माहौल को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद भाजपा की शिकायत पर नरेंद्र जैन के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत में कटार दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि अब तक पुलिस कथित हथियार बरामद नहीं कर पाई है।





