भोपाल: मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल लगातार गरमाया हुआ है। 18 जून को होने वाले मतदान से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। कुल 26 सीटों पर चुनाव होना है, जिनमें मध्यप्रदेश की 3 सीटें भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस बार चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद पार्टी में उम्मीदवार को लेकर मंथन तेज हो गया है।
इसी बीच कांग्रेस में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर हो रही है। माना जा रहा है कि पार्टी एक बार फिर उन पर भरोसा जताकर उन्हें राज्यसभा भेजने पर विचार कर सकती है।
पार्टी के अंदर यह भी चर्चा है कि कमजोर राजनीतिक समीकरण और क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए कांग्रेस किसी ऐसे चेहरे को मैदान में उतारना चाहती है जो विधायकों को एकजुट रख सके। ऐसे में कमल नाथ को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
कांग्रेस के लिए चुनौती यह है कि कुछ विधायकों के रुख और वोटिंग का गणित अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इसी वजह से पार्टी सोच-समझकर मजबूत और भरोसेमंद चेहरे को उतारने की रणनीति बना रही है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर कांग्रेस कमल नाथ को उम्मीदवार बनाती है तो इससे पार्टी के अंदर एकजुटता का संदेश जाएगा और चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो सकता है। फिलहाल सभी की नजरें आने वाले दिनों में होने वाली आधिकारिक घोषणा और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हुई हैं।






